जयशंकर ने एस-400 समझौते पर पोम्पिओ से कहा, भारत वही करेगा जो उसके राष्ट्रीय हित में है - Hindustan     |       झारखंड मॉब लिंचिंग: जांच के लिए SIT का होगा गठन - आज तक     |       विधायक आकाश विजयवर्गीय गिरफ्तार, सरकारी अधिकारी को पीटा था | INDORE NEWS - bhopal Samachar     |       मिमी चक्रवर्ती के शपथ पर प्रशंसकों ने ऐसे मनाया जश्न, देखें वीडियो - आज तक     |       बालाकोट एयर स्ट्राइक की योजना बनाने वाले सामंत बने रॉ चीफ, अरविंद आईबी के निदेशक - अमर उजाला     |       भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत पाकिस्तान समेत 55 देशों ने UNSC की अस्थाई सदस्यता के लिए दिया समर्थन - Zee News Hindi     |       इंग्लैंड का बिगड़ा गणित, वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भिड़ सकते हैं भारत और पाकिस्तान - cricket world cup 2019 AajTak - आज तक     |       सरफराज का छलका दर्द, आलोचना करो लेकिन दुर्व्यवहार मत करो - Navbharat Times     |       भुवी या फिर शमी किसे मिलेगी प्लेइंग XI में जगह, विंडीज के खिलाफ ऐसी हो सकती है टीम इंडिया - अमर उजाला     |       वेस्टइंडीज के खिलाफ चला रोहित का बल्ला तो तोड़ देंगे यह विराट रिकॉर्ड - cricket world cup 2019 AajTak - आज तक     |       NRC List in Assam: असम में एनआरसी पर नई लिस्‍ट, एक लाख से ज्‍यादा लोग बाहर - दैनिक जागरण (Dainik Jagran)     |       सिटी सेंटर: यूपी में करोड़पति निकला कचौड़ीवाला, उत्तराखंड में मुसीबत बना 200 टन कूड़ा - NDTV India     |       संसद/ जब लोग जनादेश का अपमान करते हैं, तो दुख होता है; क्या वायनाड में हिंदुस्तान हार गया: मोदी - दैनिक भास्कर     |       क्या वायनाड और रायबरेली में हिंदुस्तान हार गया था: पीएम मोदी - आज तक     |       America ने Iran पर लगाए और कड़े प्रतिबंध, Ayatollah Ali Khamenei पर भी निशाना (BBC Hindi) - BBC News Hindi     |       ब्रिटेन/ महिलाओं ने कहा- बच्चे पैदा नहीं करेंगे, क्योंकि जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया रहने लायक नहीं रहेगी - Dainik Bhaskar     |       पाकिस्तान की संसद में बैन हुए 'सिलेक्टेड प्राइम मिनिस्टर इमरान' - आज तक     |       ट्रंप ने ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले आदेश पर हस्ताक्षर किए - NDTV India     |       शेयर बाजार/ सेंसेक्स 312 अंक की बढ़त के साथ 39435 पर, निफ्टी 97 प्वाइंट ऊपर 11796 पर बंद - Dainik Bhaskar     |       Gold Rate Today: सोने की कीमतों में आई भारी गिरावट, चांदी भी हुई काफी सस्‍ती - दैनिक जागरण (Dainik Jagran)     |       MG Hector SUV कल होगी लॉन्च, जानें डीटेल - Navbharat Times     |       TVS Ntorq 125 नए रंग और डिजाइन के साथ हुई लांच, कीमत है महज इतनी - Jansatta     |       Kabir Singh: Doctor files police complaint to stop the screening of this Shahid Kapoor Kiara Advani film - The Lallantop     |       अर्जुन-मलाइका ही नहीं ये 10 सेलिब्रिटीज भी कर रहे डेट, एक तो शादी की अफवाहों पर ही भड़क गया - अमर उजाला     |       अपनी ग्लैमरस तस्वीरों को लेकर सुर्खियों में रहने वालीं नीना गुप्ता ने कहा- मेरी हॉट फोटो पर आते हैं कमेंट्स - Hindustan     |       कंगना-रंगोली कोर्ट में नहीं हुईं हाजिर, समन जारी - नवभारत टाइम्स     |       इस वर्ल्ड कप में पाकिस्तान हू-ब-हू दोहरा रहा है 1992 वर्ल्ड कप की चाल - Navbharat Times     |       भारत - वेस्टइंडीज मैच से पहले इस दिग्गज ने किया संन्यास का ऐलान, बताया कब लेंगे रिटायरमेंट ! - Cricketnmore हिंदी     |       World Cup: वेस्टइंडीज से मैच कल, 23 साल से नहीं हारा है भारत - News18 हिंदी     |       टीम इंडिया की जर्सी पर बवाल, पढ़ें- नीली से भगवा होने की पूरी कहानी ICC की जुबानी - आज तक     |      

व्यापार


जीएसटी: 28 फ़ीसदी टैक्स स्लैब पर फिर से विचार, कई वस्तुएं हो सकती हैं बाहर

सरकार सामान्य इस्तेमाल में आने वाली कई वस्तुओं पर जीएसटी दर घटा सकती है। साथ ही गुवाहाटी में होने वाली जीएसटी कौंसिल की अगली बैठक में 28 फ़ीसदी वाले टैक्स स्लैब पर फिर से विचार किया जा सकता है।


GST: Prices of many items could reduce

जीएसटी कौंसिल की अगली बैठक में सामान्यतौर पर इस्तेमाल होने वाली रोजमर्रा की चीजों पर जीएसटी रेट कम किया जा सकता है। इसके साथ ही जीएसटी के सबसे ऊँचे टैक्स स्लैब 28 फ़ीसदी में आने वाली वस्तुओं पर फिर से विचार किया जा सकता है। जीएसटी कौंसिल की अगली बैठक 9 और 10 नवम्बर को असम के गुवाहाटी में प्रस्तावित है।

वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (डीआइपीपी) ने ऐसे बदलावों की वकालत की है। डीआइपीपी के अनुसार जीएसटी रेट कम होने से छोटे एवं लघु उद्योगों को सीधे तौर पर फ़ायदा होगा और इससे रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे।

गौरतलब है कि बहुत सी सामान्य इस्तेमाल में आने वाली वस्तुओं पर अधिक जीएसटी दर होने की वजह सरकार को नाराजगी झेलनी पड़ रही है। सरकार के अन्दर से भी लोगों ने कई बार इस पर आवाज उठायी है।

सूत्रों के मुताबिक जीएसटी के सबसे अधिक 28 फीसदी वाले स्लैब में आने वाली बहुत सी वस्तुओं को छोटे और लघु उद्योग ही बनाते हैं, लेकिन अधिक कर दर की वजह से उन्हें नुकसान हो रहा है। इस स्लैब में प्लास्टिक फर्नीचर, न्यूट्रिशनल ड्रिंक्स, ऑटो पार्ट्स, प्लाईवुड और तंबाकू उत्पाद आदि रखे गए हैं।

कुछ दिनों पहले एक समारोह में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी कहा था कि आने वाले दिनों में 28 फ़ीसदी वाले टैक्स स्लैब में सिर्फ लक्ज़री आइटम्स रखे जायेंगे। साथ ही कई उद्योग संगठनों ने भी 28 फ़ीसदी वाले टैक्स स्लैब को लेकर सरकार से नाराजगी जताई है।

advertisement