दिल्ली में नामी फैशन डिजाइनर की हत्या से सनसनी, नौकर भी मृत मिला घर में     |       राजस्थान BJP की दूसरी लिस्ट: ज्ञानदेव आहूजा समेत 15 MLA, 3 मंत्रियों के टिकट कटे     |       वायुसेना ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- राफेल चाहिए, हमें इसकी जरूरत है     |       100 km/h की रफ्तार से तूफान गाजा तमिलनाडु में आज देगा दस्तक     |       इकबाल अंसारी बोले, 'डरे हैं मुसलमान, 25 से पहले नहीं बढ़ी सुरक्षा तो छोड़ देंगे अयोध्या'     |       दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज पर सेल्फी के लिए होड़ के बाद निर्वस्त्र होने का वीडियो वायरल     |       ट्रंप के मना करने के बाद शीर्ष अफ्रीकी नेता हो सकते हैं गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि     |       देवेंद्र फडणवीस की सबसे बड़ी मुश्किल खत्म, मराठा आरक्षण का रास्ता साफ     |       केंद्र ने लौटाया पश्चिम बंगाल का नाम बदलने का प्रस्ताव, ममता नाराज     |       सिंगापुर : PM मोदी के दौरे का दूसरा दिन, आसियान सम्मेलन में होंगे शामिल     |       चौटाला परिवार की कलह गहराई, छोटे भाई का बड़े भाई पर प्रहार     |       इसरो / जीसैट-29 का सफल प्रक्षेपण, 2020 तक गगनयान के तहत पहला मानव रहित मिशन शुरू होगा     |       सबरीमाला मंदिर: आज रात एंट्री करेंगी तृप्ती देसाई, राहुल ईश्वर बोले- देख लेंगे     |       राम के इतिहास के दर्शन कराने निकली रामायण एक्सप्रेस में सवार हुए जिले के 35 यात्री     |       सेल्फी के चक्कर में युवक ने कोबरा को गले में लपेटा, पल भर में गई जान     |       बयान से पलटे शाहिद आफरीदी, कहा- कश्मीर में भारत कर रहा जुल्म     |       संसद का शीतकालीन सत्र 11 दिसंबर से, क्या राम मंदिर पर कानून लाएगी मोदी सरकार?     |       84 के दंगों में दो दोषी करार, सजा पर फैसला आज     |       पिस्टल लिए बदमाश देखे, फिर भी नहीं की पुलिस को कॉल     |       बिहार में आज पूसा व NIT के दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगे राष्ट्रपति, इंतजार जारी     |      

गुड न्यूज


भारत आया था शुतुरमुर्ग

सीसीएमबी के वरिष्ठ प्रमुख वैज्ञानिक कुमारसामी थंगाराज ने कहा, हमने अपने प्राचीन डीएनए सुविधा केंद्र में शुतुरमुर्ग के अंडों के छिलकों का सफलतापूर्वक विश्लेषण किया


african-ostrich-come-to-india

मूल रूप से अफ्रीका में रहने वाला और उड़ान भरने में अयोग्य पक्षी शुतुरमुर्ग करीब 25 हजार साल पहले भारत आया था। कई भूविज्ञानियों और पुरातत्वविदों को भारत में, विशेषकर राजस्थान और मध्य प्रदेश में शुतुरमुर्ग के अंडों के छिलके मिले। यहां सेल्युलर और आणविक जीवविज्ञान केंद्र सीसीएमबी में हाल ही में अंडों के छिलकों के जीवाश्म का डीएनए अध्ययन किया गया। सीसीएमबी के वरिष्ठ प्रमुख वैज्ञानिक कुमारसामी थंगाराज ने कहा, हमने अपने प्राचीन डीएनए सुविधा केंद्र में शुतुरमुर्ग के अंडों के छिलकों का सफलतापूर्वक विश्लेषण किया और यह पता चला कि भारत में पाए गए अंडों के छिलके आनुवंशिक रूप से अफ्रीकी शुतुरमुर्ग की तरह हैं। थंगाराज ने कहा, शुतुरमुर्ग के अंडों के छिलकों का काल पता करने के लिए अपनाई गई कार्बन डेटिंग विधि से यह पता चला कि ये कम से कम 25,000 साल पुराने हैं। सीसीएमबी, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की और अन्य वैज्ञानिकों ने संयुक्त रूप से यह शोध किया है। यह शोध विज्ञान पत्रिका प्लोस वन  के 9 मार्च 2017 के अंक में प्रकाशित हुआ है।

advertisement

  • संबंधित खबरें