तकनीकी शिक्षण संस्थानों में 7वें वेतन आयोग को लागू करने की मंजूरी- Amarujala - अमर उजाला     |       ब्रेक्जिट डील पर हार के बाद कहीं थेरेसा को पीएम की कुर्सी से भी धोना पड़ सकता है हाथ! - दैनिक जागरण (Dainik Jagran)     |       AAP से अब तक कोई गठबंधन नहीं: शीला दीक्षित बोलीं- बीजेपी और 'आप' दोनों ही हमारे लिए चुनौती - NDTV India     |       अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री गेगांग अपांग ने बीजेपी से दिया इस्‍तीफा - News18 Hindi     |       विहिप के पूर्व अध्यक्ष और उद्योगपति विष्णुहरि डालमिया का निधन, बाबरी विवाद में आ चुका है नाम- Amarujala - अमर उजाला     |       कर्नाटक LIVE: खड़गे बोले- अपने विधायक छिपाकर हमारी सरकार गिराने का दावा कर रही बीजेपी - News18 Hindi     |       कुंभ में परिवार संग पहुंची थीं स्मृति ईरानी, खाई आलू-कचौड़ी - Kumbh 2019 - आज तक     |       Kumbh Mela 2019 Shahi Snan: Union Minister Smriti Irani takes a dip in Ganges - Times Now     |       भारतीय मूल की इन्दिरा नूई हो सकती हैं विश्व बैंक के प्रमुख पद की दावेदार - NDTV India     |       नैरोबी के पांच सितारा होटल में आतंकी हमला, 11 लोगों की मौत - Dainik Bhaskar     |       चीन का कमाल, चांद पर बोए गए कपास के बीज, अंकुर आए- Amarujala - अमर उजाला     |       घर में घुस मां-बाप को मारा, फिर बेटी को 88 दिन तक कैद में रखा - trending clicks - आज तक     |       आईएलएंडएफएस संकट, प्रॉविडेंट-पेंशन फंड्स को नुकसान - मनी कॉंट्रोल     |       बाजार शानदार तेजी लेकर बंद, निफ्टी 10880 के पार टिका - मनी कॉंट्रोल     |       पेट्रोल हुआ सस्ता, लेकिन आज प्रमुख शहरों में बढ़ गए डीजल के दाम - दैनिक जागरण (Dainik Jagran)     |       IBPS: कैलेंडर घोषित, देखें- 2019-20 में कब-कब होगी परीक्षा - आज तक     |       Manikarnika Bharat song launch: कंगना-अंकिता की बॉन्डिंग - आज तक     |       दीपिका ने कहा- सरनेम क्यों बदलूं, मैंने इंडस्ट्री में पहचान बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है - Dainik Bhaskar     |       #MeToo: राजकुमार हिरानी पर यौन शोषण का आरोप, इन 2 बड़े एक्‍टर्स ने दिया बड़ा बयान - प्रभात खबर     |       सिद्धार्थ मल्होत्रा की बर्थडे पार्टी में इसलिए नहीं पहुंचे आलिया-रणबीर - दैनिक जागरण (Dainik Jagran)     |       India vs Australia 2nd ODI: Virat Kohli, MS Dhoni shine as visitors level three-match series 1-1 - Times Now     |       महेंद्र सिंह धोनी ने 'मैच फिनिशर' की भूमिका अदा की - Webdunia Hindi     |       Spurs ambitions suffer after ankle injury sidelines Harry Kane for two months - The Times     |       'It's a Serena-tard': Serena Williams unveils her latest fashion statement at Australian Open - Times Now     |      

फीचर


विकास दर की सुस्ती कहीं महंगी न पड़ जाए सरकार को

वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी में सीधे 2.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। पिछले साल में इस तिमाही के 7.9 के मुकाबले जीडीपी घटकर 5.7 फीसदी रह गई।


article-by-prem-prakash-on-low-growth-rate-expensive-government

विभिन्न आर्थिक संकटों के बीच जिस एक बात को लेकर आगे मोदी सरकार के लिए अपनी छवि और प्रदर्शन को बचाने में मुश्किल हो सकती है, वह है विकास दर की मंद पड़ती जा रही रफ्तार। इस रफ्तार की सुस्ती के साथ बेरोजगारी का सवाल देश के प्राइम एजेंडा में तेजी से ऊपर चढ़ता जा रहा है। दरअसल, सेंसेक्स भले अपनी तीस हजारी चढ़ाई से उतरने का नाम नहीं ले रहा, पर आर्थिक विकास की नैया ने इस बीच खूब हिचकोले खाए हैं।

वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी में सीधे 2.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। पिछले साल में इस तिमाही के 7.9 के मुकाबले जीडीपी घटकर 5.7 फीसदी रह गई। सरकार के सामने यह बड़ा सवाल है कि कैसे सकारात्मक आर्थिक आंकड़ों के साथ आगे बढ़े क्योंकि 2019 में आम चुनाव होने हैं और डेढ़ वर्ष से भी कम का समय सरकार के पास है। जीडीपी की वृद्धि दर लगातार छठी तिमाही में घटी है। आर्थिक समीक्षा-दो में यह अनुमान जताया गया है कि अपस्फीति दबाव के कारण चालू वित्त वर्ष में 7.5 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर हासिल करना संभव नहीं होगा। इसके साथ ही औद्योगिक वृद्धि दर भी 5 साल में सबसे नीचे आ गया है। देश के सबसे बड़े कर सुधार कानून जीएसटी को और व्यावहारिक बनाने में भले सरकार लगी हुई है, पर इसमें भी अभी काफी सुधार की दरकार है।

इसी तरह, देश में युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से लाभ पहुंचाने को लेकर 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की तरफ से काफी उम्मीदें जगाई गई थी। दुनिया के सबसे युवा देश के युवा वोटरों ने इस उम्मीद पर भरोसा भी दिखाया। पर यह भरोसा अब कहीं न कहीं लड़खड़ाता नजर आ रहा है और इसका गुस्सा युवा एवीएम मशीन का बटन दबाते हुए अगर दिखाते हैं, तो इसे अनेपिक्षित नहीं कहा जाएगा। श्रम ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, देश की बेरोजगारी दर 2015-16 में पांच प्रतिशत पर पहुंच गई, जो पांच साल का उच्च स्तर है। अखिल भारतीय स्तर पर पांचवें सालाना रोजगार-बेरोजगारी सर्वे के अनुसार करीब 77 प्रतिशत परिवारों के पास कोई नियमित आय या वेतनभोगी व्यक्ति नहीं है। 

श्रम ब्यूरो के अनुसार, 2013-14 में बेरोजगारी दर 4.9 प्रतिशत, 2012-13 में 4.7 प्रतिशत, 2011-12 में 3.8 प्रतिशत तथा 2009-10 में 9.3 प्रतिशत रही। 2014-15 के लिए इस प्रकार की रिपोर्ट जारी नहीं की गई थी। इस बीच रोजगार सृजन के क्षेत्र में बाधा आने के संकेत के बारे में भी आईएलओ पहले ही आगाह कर चुका है। इस साल के शुरू में आईएलओ की जारी रिपोर्ट में कहा गया है, 'आशंका है कि पिछले साल के 1.77 करोड़ बेरोजगारों की तुलना में 2017 में भारत में बेरोजगारों की संख्या 1.78 करोड़ और उसके अगले साल 1.8 करोड़ हो सकती है। प्रतिशत के संदर्भ में 2017-18 में बेरोजगारी दर 3.4 प्रतिशत बनी रहेगी।'

advertisement