केंद्र ने कहा- कारगिल में राफेल होता तो कम सैनिक हताहत होते     |       केपाटन से मंत्री बाबूलाल वर्मा का टिकट कटा, चंद्रकांता मेघवाल को मौका     |       डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- मैं प्रधानमंत्री मोदी का बहुत सम्मान करता हूं     |       कोंकणी रिवाजों से एकदूजे के हुए 'दीपवीर', सबसे पहले यहां देखें तस्वीरें और वीडियो     |       मोदी ने वैश्विक नेताओं से की मुलाकात, अमेरिकी उपराष्ट्रपति को दिया भारत आने का न्योता     |       बयान से पलटे शाहिद आफरीदी, कहा- कश्मीर में भारत कर रहा जुल्म     |       इसरो / जीसैट-29 का सफल प्रक्षेपण, 2020 तक गगनयान के तहत पहला मानव रहित मिशन शुरू होगा     |       अजय चौटाला को इनेलो से निष्कासित किए जाने सहित दिन के 10 बड़े समाचार     |       रामायण सर्किट: 16 दिन में अयोध्या से रामेश्वर तक का सफर     |       बाल दिवस पर रही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम     |       संसद का शीतकालीन सत्र 11 दिसबंर से, क्या राम मंदिर पर कानून लाएगी मोदी सरकार?     |       केंद्र ने लौटाया पश्चिम बंगाल का नाम बदलने का प्रस्ताव, ममता नाराज     |       Srilanka : संसद में प्रधानमंत्री राजपक्षे के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास     |       अयोध्या में RSS की रैली, इकबाल अंसारी बोले- छोड़ देंगे अयोध्या     |       दिल्लीः हवा गुणवत्ता में सुधार, लेकिन सुरक्षित अब भी नहीं     |       1984 सिख विरोधी दंगे: संगत की गवाही ने लिखी इंसाफ की इबारत     |       दीक्षांत समारोह में छात्रों को गोल्ड मेडल देंगे राष्ट्रपति     |       डीआरआई और सेना ने पाक सीमा से सटे इलाके में बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए     |       अखिलेश का BJP पर तंज- तरक्की के रुके रास्ते, बदल रहे बस नाम     |       सबरीमला: तृप्ति देसाई 17 नवंबर को जाएंगी मंदिर, पीएम मोदी से मांगी सुरक्षा     |      

राजनीति


जेटली ने कहा- उद्यमिता ही भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती

जेटली ने कहा कि भारत में कौशल और उद्यमिता दोनों की प्रासंगिकता है। सरकार में, केंद्र और राज्य दोनों तथा सरकारी कंपनियों में नौकरी सृजन की सीमित क्षमता है। उन्होंने कहा कि निजी संगठित क्षेत्र में, नौकरियों के सृजन की ज्यादा क्षमता है,


arun-jaitley-says-entrepreneurship-strength-of-indian-economy

नई दिल्ली: उद्यमिता भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती साबित होने जा रही है, क्योंकि सरकारी क्षेत्र और संगठित क्षेत्र की नौकरियां देश के उच्च कामकाजी आबादी के लिए पर्याप्त नहीं है। यह बातें केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के तीसरे स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय उद्यमिता पुरस्कार 2017 कार्यक्रम में  कहीं।

जेटली ने कहा कि भारत में कौशल और उद्यमिता दोनों की प्रासंगिकता है। सरकार में, केंद्र और राज्य दोनों तथा सरकारी कंपनियों में नौकरी सृजन की सीमित क्षमता है। उन्होंने कहा कि निजी संगठित क्षेत्र में, नौकरियों के सृजन की ज्यादा क्षमता है, लेकिन सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों को साथ मिलाकर भी पर्याप्त नौकरियां नहीं होगी। जेटली ने कहा कि विकसित देशों में आबादी या तो स्थिर है या गिर रही है, जबकि भारत में बड़ी जनसंख्या है, जिसमें सबसे ज्यादा संख्या युवाओं की है।

उन्होंने कहा कि इसलिए हमें अपनी आबादी का प्रयोग आर्थिक फायदों के लिए करना चाहिए। हमें अपनी शैक्षणिक डिग्रियों को रोजगार से जोड़ना होगा। लोगों को कौशल प्रशिक्षण देना होगा। कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस मौके पर कहा कि 2022 तक भारत का कार्यबल 60 करोड़ तक पहुंच जाएगा। देश की जीडीपी को दोहरे अंकों में ले जाने में देश के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार पहले से ही 4 लाख करोड़ रुपये की मुद्रा योजना चला रही है, जिससे 3 करोड़ लोगों ने लाभ उठाया है।

advertisement

  • संबंधित खबरें