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गपशप


पालनपुर के पालनहार

क्या ऐसा कर शीर्ष पुरूष ने शांता कुमार से अपना पुराना स्कोर सैटल किया है? सनद रहे कि 2002 के गुजरात दंगों के बाद शांता कुमार ने तब मोदी का खुला विरोध करते हुए कहा था कि मोदी की जगह वे सीएम होते तो अपना त्याग पत्र दे देते।


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अब सवाल उठता है कि बैजनाथ की मूल निवासी इंदु गोस्वामी को शांता कुमार के गृह क्षेत्र पालनपुर से टिकट क्यों दी गई? जबकि यहां से लिस्ट में शांता के बेहद खासमखास और निवर्तमान विधायक प्रवीण शर्मा का नाम पहले से था। इंदु गोस्वामी उन दिनों से नरेंद्र मोदी से जुड़ी थीं जब मोदी हिमाचल के प्रभारी थे। बागी तेवरों से लैस शांता कुमार पर नकेल कसने के इरादे से ही उनके विश्वस्त का टिकट काट कर यहां से मोदी के विश्वस्त को मैदान में उतारा गया है। और सियासी दांव-पेंच का जरा आलम देखिए कि इंदु गोस्वामी को यहां से जिताने की जिम्मेवारी भी पार्टी हाईकमान ने शांता कुमार को ही सौंपी है। क्या ऐसा कर शीर्ष पुरूष ने शांता कुमार से अपना पुराना स्कोर सैटल किया है? सनद रहे कि 2002 के गुजरात दंगों के बाद शांता कुमार ने तब मोदी का खुला विरोध करते हुए कहा था कि मोदी की जगह वे सीएम होते तो अपना त्याग पत्र दे देते। लगे हाथ शांता ने अपना यह खुला पत्र मीडिया में भी जारी कर दिया था। चुनांचे आज की तारीख में शांता के भरोसेमंद प्रवीण शर्मा अपना टिकट कट जाने के बाद बतौर निर्दलीय यहां से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं और भाजपा उम्मीदवार इंदु गोस्वामी की राहों में कांटे बिछा रहे हैं क्योंकि इंदु को अभी भी यहां बाहरी उम्मीदवार माना जा रहा है। कांग्रेस इस सीट से 7 बार चुनाव जीत चुकी है। सो, कांग्रेस ने यहां से विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटैल के बेटे आशीष बुटैल को इंदु गोस्वामी के खिलाफ मैदान में उतारा है। आशीष पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं, पर उन्हें हराने के लिए भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

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