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फीचर


'ऑक्सफोर्ड ऑफ द ईस्ट' का सौ साल का सफरनामा

 अपनी स्थापना के 25 वर्ष में पटना विश्वविद्यालय 'ऑक्सफोर्ड ऑफ द ईस्ट' के नाम से मशहूर हो गया था


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देश का सातवां सबसे पुराना विश्वविद्यालय है- पटना विश्वविद्यालय (पीयू)। देश में ऐसे कम ही विश्वविद्यालय हैं, जो नदी किनारे हैं। पीयू पटना में गंगा के किनारे अशोक राजपथ में अवस्थित है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना के एक अक्टूबर को 100 साल पूरे हो गए हैं। इस गौरवशाली विश्वविद्यालय ने 100 साल की इस अवधि के दौरान एक लंबा सफर तय किया है। स्थापना के 25 वर्ष में यह विश्वविद्यालय 'ऑक्सफोर्ड ऑफ द ईस्ट' कहलाने लगा। पटना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रास बिहारी प्रसाद सिंह कहते हैं, ‘यह बेहद गर्व की बात है कि पटना विश्वविद्यालय ने अपने सौ वर्ष पूरे कर लिए हैं। यह विश्वविद्यालय बिहार के गौरवशाली इतिहास को भी दर्शाता है।’

प्रथम कुलपति थे जॉर्ज
पटना विश्वविद्यालय का प्रशासन अब तक 51 कुलपति संभाल चुके हैं। इस गौरवशाली विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति जॉर्ज जे. जिनिंग्स थे। वह उन दिनों बिहार-बंगाल और उड़ीसा के प्रशासनिक अधिकारी भी थे। उस समय यह पद अवैतनिक था। यहां के कुलपतियों को पटना विश्वविद्यालय एक्ट, 1951 लागू होने के बाद वेतन मिलने लगा। सवैतनिक कुलपति के रूप में पहली नियुक्ति के. एन. बहल की हुई थी।

अभी हालात अच्छे नहीं
पीयू को इसकी शैक्षिक पद्धति के गौरवशाली इतिहास के लिए जाना जाता है। इस समय हालांकि इसकी हालत बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती. राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों की तरह यहां भी प्राध्यापकों की बेहद कमी है।इसका अतीत भले ही सुनहरा रहा हो, लेकिन वर्तमान स्थिति को संतोषप्रद नहीं कहा जा सकता है।

संबद्ध कॉलेज
पटना विश्वविद्यालय का मुख्य भवन दरभंगा हाउस के नाम से जाना जाता है, जिसका निर्माण दरभंगा के महाराज ने करवाया था। इस विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले प्रमुख महाविद्यालयों में साइंस कॉलेज, पटना कॉलेज, वाणिज्य महाविद्यालय, बी. एन. कॉलेज, पटना कला एवं शिल्प महाविद्यालय, लॉ कालेज, मगध महिला कॉलेज सहित 10 महाविद्यालय हैं। पटना विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद तीन कॉलेज, पांच एडेड कॉलेज और वोकेशनल कॉलेज इससे जुड़े। इसकी स्थापना पटना विश्वविद्यालय एक्ट, 1917 के तहत हुई थी और इसका कार्यक्षेत्र नेपाल और उड़ीसा (ओडिशा) तक था।

जेपी यहीं के थे छात्र
पटना विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों में लोकनायक जयप्रकाश नारायण, पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, फिल्म अभिनेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा, केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, पूर्व रेलमंत्री व राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, सामाजिक कार्यकर्ता व सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक समेत कई विशिष्ठ लोग शामिल हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में वित्तमंत्री रहे यशवंत सिन्हा पटना कॉलेज के प्राध्यापक भी रह चुके हैं।

कई नौकरशाहों का भी नाता
पटना विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों में कई नौकरशाह भी शामिल हैं, जिन्होंने देश और दुनिया में अपने कार्यों के बल पर इस विश्वविद्यालय का नाम रौशन किया है। इनमें राजीव गौवा, बिहार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पूर्व विदेश सचिव मुचकुंद दूबे, पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल भी शामिल हैं।

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