100 रुपये के नए नोट का क्या है गुजरात कनेक्शन?     |       नंबर गेम में कमजोर विपक्ष शब्दों के तीर से करेगा सरकार को 'घायल'     |       इस ट्रेन में मिलेगा हवाई जहाज जैसा आनंद, बटन दबाने पर खुल जाएंगी खिड़कियां     |       32 किलोमीटर पैदल चलकर पहले दिन ऑफिस समय पर पहुंचा युवक, बॉस ने दिया ये ईनाम (VIDEO)     |       हलाला प्रकरणः निदा खान के खिलाफ फतवे पर उठे तूफान के बाद उलमा खामोश     |       ग्रेटर नोएडा: नोटिफाइड एरिया में बनी थी बिल्डिंग, शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई     |       एयरसेल-मैक्सिस मामलाः CBI ने पी चिदंबरम, उनके बेटे के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की     |       गोपाल दास नीरज : कारवां गुजर गया..     |       खुशखबरी! अब टिकट काउंटर पर नहीं लगेगी भीड़, मोबाइल ऐप से बुक कराएं जनरल टिकट     |       Exclusive: अगस्ता के बिचौलिये की वकील का दावा- सोनिया के खिलाफ गवाही देने का दबाव     |       लखनऊ में सूदखोर कारोबारी से मिला 100 किलो सोना व नकद 9.21 करोड़ रुपये     |       राज ठाकरे का BJP पर हमला, इस वजह से भाजपा को चुनावों में मिली जीत, दोबारा सत्ता में नहीं होगी वापसी     |       साउथ दिल्ली के करीब 16000 पेड़ो के कटने पर लगे स्टे को NGT ने 27 जुलाई तक बढ़ाया     |       टिहरी में बस के खाई में गिरने से 14 की मौत, 17 लोग घायल     |       रायबरेली में भाजपा मंडल उपाध्यक्ष की हत्या, दारोगा व सिपाही लाइन हाजिर     |       सुरक्षा बल के जवान ने प्राइवेट पार्ट पर करंट लगाकर पत्नी को मार डाला     |       पटना पहुंचते ही विरोधियों पर जमकर बरसे तेजस्वी     |       अमेरिकी अधिकारी आसमान में विमानों की टक्कर के कारणों की जांच में जुटे     |       देवरिया जेल में बाहुबली अतीक के बैरक से मिला मोबाइल फोन , दर्ज होगा मुकदमा     |       अरबपति पिता की डॉक्टर बेटी बनी जैन साध्वी     |      

राजनीति


अरुण जेटली ने कहा- एफडीआई पर लोगों की बदली राय

जेटली ने कहा कि इससे पहले रक्षा जैसे क्षेत्रों को एफडीआई के योग्य नहीं माना जाता था, लेकिन अब हम इन क्षेत्रों में यह कहकर लोगों की राय बदलने में सक्षम हुए हैं कि भारत में विनिर्माण क्षेत्र को स्थापित करने के लिए विदेशी निपुणता को आमंत्रित करना बेहतर है।


finance-minister-arun-jaitley-says-public-opinion-changed-on-fdi-in-defense

न्यूयॉर्क: हम अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) लाने में सक्षम हैं। उत्पाद के क्षेत्र में विदेशी निवेश आमंत्रित करने के लिए सरकार ने जनता की राय बदलने में  सक्षम हुई है। पहले इन क्षेत्रों को विचारधारा एवं सुरक्षा कारणों से विदेशी निवेश योग्य नहीं माना जाता था। यह बातें भारतीय वित्तमंत्री जेटली ने सोमवार को न्यूयार्क में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और अमेरिका-भारत व्यापार परिषद द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक निवेशक गोलमेज बैठक में कहीं।

जेटली ने कहा कि इससे पहले रक्षा जैसे क्षेत्रों को एफडीआई के योग्य नहीं माना जाता था, लेकिन अब हम इन क्षेत्रों में यह कहकर लोगों की राय बदलने में सक्षम हुए हैं कि भारत में विनिर्माण क्षेत्र को स्थापित करने के लिए विदेशी निपुणता को आमंत्रित करना बेहतर है। इससे हमने देखा कि रक्षा में निवेश करने के लिए कई संयुक्त उपक्रम सामने आ रहे हैं। बता दें कि जेटली एक सप्ताह के आधिकारिक दौरे पर अमेरिका में हैं और वह इस दौरान वाशिंगटन में होने वाले विश्व बैंक एवं अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेंगे।

वहीं वित्तमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने भारत में एफडीआई को लेकर प्रक्रिया सरल बनाई है। उन्होंने कहा कि 95 प्रतिशत एफडीआई स्वचालित मार्ग से आता है। मेरे अंतिम बजट में, मैंने विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड को समाप्त करने की भी बात कही थी। उन्होंने कहा कि जो निकाय एफडीआई प्रस्तावों पर रोक लगाता हो, एफडीआई नियमों को उदार किए जाने के बाद उसका उद्देश्य समाप्त हो गया।

advertisement