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गपशप


एडवांटेज भाजपा

इस चुनाव में जाहिरा तौर पर भाजपा को इस बात का फायदा मिल रहा है, पर पार्टी के बड़े नेताओं की गुटबाजी भगवा उम्मीदों में जरूर सेंध लगा रही है।


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हिमाचल चुनाव में भाजपा पिछले दो वर्षों से तन्मयता से जुटी थी। पार्टी रणनीतिकारों ने अपना सारा दांव महिला और युवा वोटरों पर लगाया था। सूत्र बताते हैं कि भाजपा ने पेड महिला कार्यकर्ताओं की एक बड़ी फौज इक्कट्ठी की थी, जिन्हें मासिक आधार पर भुगतान किया जाता था। वहीं हिमाचली युवाओं की एक बड़ी फौज को सोशल मीडिया में लगाया गया था।  इस चुनाव में जाहिरा तौर पर भाजपा को इस बात का फायदा मिल रहा है, पर पार्टी के बड़े नेताओं की गुटबाजी भगवा उम्मीदों में जरूर सेंध लगा रही है। यहां के कांग्रेसी सीएम वीरभद्र सिंह पर भले ही भ्रष्टाचार के आरोप थोकभाव में लगते रहे हैं, पर सरकारी कर्मचारियों का एक बड़ा वर्ग अभी भी वहां कांग्रेस के पक्ष में दिख रहा है। हिमाचल के ऊपरी इलाके में कम्युनिस्टों ने मजबूती से पांव जमा लिए हैं, चुनांचे ये मुकाबले को त्रिकोणीय या बहुकोणीय बना सकते हैं। कई सीटों पर निर्दलीय भी मजबूत दिख रहे हैं। सो, भले ही हिमाचल में एडवांटेज भाजपा की स्थिति है, पर भगवा राह इतनी आसान भी नहीं है।

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