RISAT-2B सैटेलाइट लॉन्च, सीमाओं की निगरानी और घुसपैठ रोकने में करेगा मदद - आज तक     |       सुप्रीम कोर्ट ने की EVM से VVPAT मिलान की एक और याचिका खारिज SC dismisses plea seeking 100% VVPAT counting - Lok Sabha Election 2019 - आज तक     |       एयर स्ट्राइक के अगले दिन क्रैश हुए हेलीकॉप्टर मामले में एओसी का तबादला, कोर्ट ऑफ इनक्वायरी तेज - अमर उजाला     |       जम्मू-कश्मीर में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़, दो आतंकी ढेर - News18 हिंदी     |       Exit Poll के आंकड़े आने के बाद शिवसेना ने की राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की तारीफ, जानें क्या कहा - NDTV India     |       सुषमा स्वराज बिश्केक में एससीओ बैठक में लेंगी हिस्सा - Navbharat Times     |       NEWS FLASH : अंडमान द्वीप पर आधी रात महसूस किए गए 5.6 तीव्रता वाले भूकंप के झटके - NDTV India     |       मोदी ने कहा- ईवीएम पर बेवजह का विवाद खड़ा कर रहा विपक्ष, अगले पांच साल के लिए एजेंडा तय - दैनिक जागरण     |       कर्नाटक में भी एक्जिट पोल का असर, नुकसान के लिए रोशन बेग ने वेणुगोपाल को ठहराया जिम्मेदार - Times Now Hindi     |       Exit Poll: मोदी-शाह समेत BJP के ये बड़े चेहरे जीत रहे हैं चुनाव? - Lok Sabha Election 2019 - आज तक     |       डोनाल्ड ट्रंप बोले - ईरान ‘आतंकवाद को भड़काने वाला नंबर एक’ देश, अगर उकसाया तो... - NDTV India     |       पाकिस्तानी जनता परेशान, ब्याज दर 12.25%, जाएंगी 10 लाख नौकरियां - Business - आज तक     |       यमन के हूती विद्रोहियों ने ड्रोन से सऊदी अरब के हवाई अड्डे पर किया हमला - Navbharat Times     |       ब्रेक्ज़िट : 'सांसदों के पास डील के समर्थन का आखिरी मौका' - BBC हिंदी     |       Hyundai Venue के इंजन से लेकर माइलेज तक की पूरी जानकारी यहां मिलेगी - अमर उजाला     |       अब इन 4 बड़े सरकारी बैंकों का होगा विलय, नई सरकार लगाएगी मुहर? - Business - आज तक     |       सेंसेक्स में आज फिर तेजी, 200 अंकों की बढ़त के साथ खुला बाजार - Hindustan     |       AIRTEL ने 500 रुपए से कम वाले प्लान रिवैंप किए, पढ़िए अब क्या मिलेगा | PREPAID PLAN - bhopal Samachar     |       विवेक ओबेरॉय के विवादित ट्वीट पर ओमंग कुमार का रिऐक्शन, बोले- हो गया, हो गया - नवभारत टाइम्स     |       Cannes 2019: सोनम कपूर का नया लुक आया सामने, तस्वीरें देख नहीं हटा पाएंगे नजरें - Hindustan     |       'भारत' छोड़ने के बाद क्या दोबारा प्रियंका संग काम करेंगे सलमान? बताया - आज तक     |       Election Result के बाद Arjun Kapoor कपूर देंगे ‘PM Narendra Modi’ को चुनौती, इस दिन होगा घमासान - दैनिक जागरण (Dainik Jagran)     |       वर्ल्ड कप 2019: इंग्लैंड जाने से पहले कोहली ने देश के सामने रखा 'विराट' विजन Kohli considers World Cup 2019 as the most challenging one - Sports - आज तक     |       दूसरी पारी/ क्रिकेट से संन्यास के बाद पेंटिंग में करियर बना सकते हैं धोनी, वीडियो के जरिए दिए संकेत - Dainik Bhaskar     |       इस गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं अनुष्का शर्मा, फिर भी वर्ल्ड कप में देंगी विराट कोहली का साथ - अमर उजाला     |       कोहली के लिए इस कंपनी ने बनाए स्पेशल जूते, दुनिया में हैं सिर्फ 150 पीस - Sports - आज तक     |      

विदेश


भारत ने आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र से सीसीआईटी अपनाने को कहा

उन्होंने कहा कि हमने खुद को 'आतंकवादी' कौन है, इसकी परिभाषा जैसे मुद्दों पर उलझा रखा है। हम उम्मीद करते हैं कि सभी महाद्वीपों में आतंकवाद के बढ़ते गंभीर खतरे को देखते हुए इन मुद्दों पर सहयोग करने की वास्तविक राजनीतिक इच्छा पैदा हो।


india-wants-to-adopt-ccit-from-un-to-deal-with-terrorism

संयुक्त राष्ट्र: भारत ने आतंकवाद के 'बेतहाशा' बढ़ते खतरे को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र से अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक संधि (सीसीआईटी) अपनाने को कहा है, जो पिछले 21 सालों से आतंकवाद की परिभाषा के सवाल पर अटका है। संयुक्त राष्ट्र मिशन में भारत के कानूनी सलाहकार येदला उमाशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की कानूनी मामलों की एक समिति से कहा कि आतंकवादी देशों से बढ़ते बेतहाशा खतरे के बीच हम यहां संयुक्त राष्ट्र में अभी तक सीसीआईटी अपनाने में नाकाम रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हमने खुद को 'आतंकवादी' कौन है, इसकी परिभाषा जैसे मुद्दों पर उलझा रखा है। हम उम्मीद करते हैं कि सभी महाद्वीपों में आतंकवाद के बढ़ते गंभीर खतरे को देखते हुए इन मुद्दों पर सहयोग करने की वास्तविक राजनीतिक इच्छा पैदा हो। भारत ने 1996 में सीसीआईटी का प्रस्ताव रखा था, लेकिन कुछ देशों द्वारा कुछ आतंकवादियों के 'स्वतंत्रता सेनानी' होने का दावा करने के बीच यह प्रस्ताव इस विवाद को लेकर अभी तक अटका हुआ है कि किसे आतंकवादी कहा जाए।

आतंकवाद से लड़ाई के लिए अंतराष्ट्रीय सहयोग की तात्कालिक जरूरत पर जोर देते हुए उमाशंकर ने कहा कि कोई भी देश, भले ही वह कितना भी सम्पन्न या ताकतवर हो, अकेले यह लड़ाई नहीं जीत सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आतंकवाद सीमाओं में फर्क नहीं करता और इसका मुख्य कारण आतंकवादियों और उनके संगठनों के अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क और वे उद्देश्य हैं, जिनके लिए वे काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवादियों के वित्त पोषण को लेकर चिंतित है और उन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से धन मुहैया कराने या आपराधिक मामलों में उनका बचाव करने वाले देशों या उनकी एजेंसियों की कड़ी निंदा करता है।

भारत आतंकवाद रोधी कार्यालय (ओसीटी) के गठन का स्वागत करता है और उसे उम्मीद है कि इससे आतंकवाद से लड़ने के लिए वर्तमान साझेदारियां मजबूत होंगी और नई साझेदारियां विकसित होंगी। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने जून में ओसीटी का गठन किया था, जो महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के लिए एक उच्च प्राथमिकता वाला एजेंडा था।

 

advertisement