इस बार ऐसे होगी EVM और VVPAT से वोटों की काउंटिंग - Lok Sabha Election 2019 - आज तक     |       Lok Sabha Election 2019: जावड़ेकर का विपक्ष पर प्रहार, कहा- जीत पर अच्छा, हार पर EVM खराब - News18 हिंदी     |       लोकसभा चुनाव 2019 : मतगणना आज सुबह आठ बजे होगी शुरू, नतीजे आने में हो सकता है कुछ विलंब - NDTV India     |       Lok Sabha Election 2019 Result : लोकसभा चुनाव परिणाम से एक दिन पहले मानवेंद्र सिंह ने जीत को लेकर दिया बड़ा बयान - Patrika News     |       Lok Sabha Election Results 2019: मतगणना सुबह 8 बजे से, ट्रेंड मिलेंगे पर नतीजे शाम तक - दैनिक जागरण     |       कुछ घंटों बाद शुरू होगी मतगणना, हिंसा की आशंका, गृह मंत्रालय का सभी राज्यों को अलर्ट - Hindustan     |       EVM विवाद के बीच, दिग्विजय ने लिया स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा का जायजा Amid EVM row, Digvijaya Singh visits strong room in Bhopal - Lok Sabha Election 2019 - आज तक     |       Truecaller से यूजर का डेटा चोरी, लाखों में बेचा जा रहा है डेटा! - आज तक     |       कर्नाटक में गरमाई सियासत: केंद्रीय मंत्री ने कहा- 24 मई तक ही सीएम रहेंगे कुमारस्वामी - दैनिक जागरण     |       Loksabha Election 2019: यूपी के उपमुख्यमंत्री बोले- 23 मई को बीजेपी विरोधी दलों का हो जाएगा ‘राजनीतिक अंतिम संस्कार’ - Jansatta     |       फ्रांस में राफेल विमान का काम देख रहे भारतीय वायुसेना के दफ्तर में 'घुसपैठ की कोशिश' - NDTV India     |       SCO बैठक में एक दूसरे के अगल-बगल बैठे सुषमा स्वराज और कुरैशी, पुलवामा हमले के बाद बढ़ा था भारत-पाक में तनाव - Hindustan     |       टॉपलेस कुंवारी लड़कियों की परेड, राजा किसी को भी बना लेता है पत्नी - आज तक     |       अमेरिका/ नाबालिग से संबंध बनाने के लिए विमान ऑटो मोड पर छोड़ा, 5 साल की जेल हो सकती है - Dainik Bhaskar     |       Hyundai Creta vs Hyundai Venue Comparison - Prices, Specs, Features - CarDekho     |       क्या चुनावी नतीजों के रॉकेट पर सवार होकर 40 हजार पहुंचेगा सेंसेक्‍स? - आज तक     |       ह्यूंदै वेन्यू vs मारुति ब्रेजा vs टाटा नेक्सॉन, जानें किसमें कितना दम - नवभारत टाइम्स     |       TikTok वाली कंपनी अब लाई नया चैट ऐप, जानें कैसे करेगा काम - आज तक     |       ऐश्वर्या पर बना मीम शेयर कर बुरे फंसे विवेक, यूं उड़ रहा मजाक - Entertainment - आज तक     |       सलमान खान ने प्रियंका चोपड़ा पर किया कमेंट, बोले- पति के लिए छोड़ा 'भारत' को - NDTV India     |       कान्स 2019/ रेड कार्पेट पर सोनम व्हाइट टक्सीडो सूट में आईं नजर, बहन रिया ने फाइनल किया लुक - Dainik Bhaskar     |       Photo: अर्जुन की नई फोटोज पर मलाइका ने बनाया दिल एक्टर ने पलट कर दिया ऐसा जवाब... - Zee News Hindi     |       मिताली राज के मुताबिक ये हैं वो कारण जो टीम इंडिया को बनाएंगे विश्व चैंपियन - Times Now Hindi     |       World Cup 2019 के लिए लंदन पहुंची टीम इंडिया, PHOTOS में देखें कैसे हुआ स्वागत? - अमर उजाला     |       CWC 2019: प्रैक्टिस मैच में स्मिथ और गेंदबाजों के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने विंडीज को दी मात - Hindustan     |       World Cup 2019: भारत-पाकिस्तान का मैच देखने के लिए खर्च करने होंगे एक गाड़ी खरीदने जितने पैसे - India TV हिंदी     |      

राजनीति


सीजेआई के समर्थन में जेटली, कहा- न्यायपालिका के साथ खड़ा होने का समय

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को 'संस्थागत अस्थिरता लाने वालों' पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका पूरी तरह से असत्यापित आरोपों को समर्थन देना भारत के मुख्य न्यायाधीश की संस्था को अस्थिर कर रहा है


jaitley-in-support-of-cji-said---time-to-stand-with-the-judiciary

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को 'संस्थागत अस्थिरता लाने वालों' पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका पूरी तरह से असत्यापित आरोपों को समर्थन देना भारत के मुख्य न्यायाधीश की संस्था को अस्थिर कर रहा है। उन्होंने कहा कि कहा कि झूठ बोलकर संस्थान को बदनाम करने वालों के खिलाफ अगर अनुकरणीय तरीके से कार्रवाई नहीं की जाती है फिर इस तरह की प्रवृत्ति में सिर्फ तेजी आएगी।

भारत के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद एक ब्लॉग पोस्ट में जेटली ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की एक पूर्व जूनियर महिला कर्मचारी द्वारा उत्पीड़न का आरोप लगाए जाने को अनुचित तव्वजो दिया गया।

वित्त मंत्री ने कहा, "ऐसी शिकायतें जब किसी भी प्रशासनिक कामकाज के सामान्य रूप से की जाती हैं तो उन्हें उपयुक्त समिति के पास भेजा जाता है। हालांकि, जब शिकायतकर्ता अपने आरोपों को सनसनीखेज बनाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के अन्य और मीडिया को अपने ज्ञापन की प्रतियां वितरित करती है। तो इसे सामान्य तौर पर यही खत्म कर देना चाहिए। 

जेटली ने कहा कि जब चार डिजिटल मीडिया संस्थान 'संस्थागत अवरोध' के अनोखे ट्रैक रिकॉर्ड के साथ एक ही तरह के प्रश्न भारत के प्रधान न्यायाधीश को भेजते हैं तो निश्चित रूप से हम जो देख रहे हैं, समझ रहे हैं, मामला उससे कहीं ज्यादा है। अपने ब्लॉग 'इट्स टाइम टू स्टैंड अप विद द ज्यूडिशियरी' में जेटली ने कहा कि भारत ने हमेशा अपनी स्वतंत्र न्यायपालिका पर गर्व किया है।

प्रधान न्यायाधीश ने अपने खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोप को शनिवार को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता को अस्थिर करने के लिए एक 'बड़ी साजिश' है, जिसके बारे में उन्होंने कहा, "यह बहुत गंभीर खतरे में है।" सर्वोच्च न्यायालय की एक पूर्व कर्मचारी द्वारा लगाए गए आरोप के बाद मीडिया के एक वर्ग द्वारा इसकी रिपोर्ट किए जाने के बाद न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना सहित प्रधान न्यायाधीश की अगुआई वाली एक पीठ ने शनिवार को विशेष सुनवाई की थी। 

जेटली ने कहा कि वर्तमान प्रधान न्यायाधीश का व्यक्तिगत शालीनता, मूल्यों, नैतिकता और अखंडता के मामले में बहुत सम्मान है। उन्होंने कहा, "यहां तक कि जब आलोचक उनके न्यायिक दृष्टिकोण से असहमत होते हैं, तब भी उनकी मूल्य प्रणाली पर सवाल नहीं उठाया गया है। एक असंतुष्ट व्यक्ति के पूरी तरह से अपुष्ट आरोपों का समर्थन करना प्रधान न्यायाधीश की संस्था को अस्थिर करने की प्रक्रिया की सहायता करना है।"

जेटली ने कहा कि प्रतिष्ठा किसी व्यक्ति के सम्मान के साथ जीने के मौलिक अधिकार का एक अभिन्न अंग है। एक अभित्रस्त न्यायाधीश एक संभावित दृष्टिकोण के परिणामों से डर सकता है। "इसलिए, यह आवश्यक है कि सभी अच्छे लोग न्यायिक संस्था के साथ तब खड़े हों, जब अवरोधक इस पर हमला करने के लिए तैयार हो जाए।"

उन्होंने कहा कि चूंकि आरोपों से संबंधित मामला अदालत की पीठ के समक्ष न्यायिक पक्ष में लंबित है, इसलिए इसे अदालत की बुद्धिमत्ता पर छोड़ देना चाहिए कि वे इससे कैसे निपटना चाहते हैं। इनमें से कई अवरोधक वाम या अति वाम विचारों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके पास कोई चुनावी आधार या लोकप्रिय समर्थन नहीं है। फिर भी, मीडिया और शिक्षा में अब भी उनकी अनुचित रूप से उपस्थिति है।

जब मुख्यधारा की मीडिया से बाहर हो गए तो उन्होंने डिजिटल और सोशल मीडिया की शरण ले ली है। वे पुराने मार्क्‍सवादी दर्शन में 'सिस्टम को अंदर से खत्म करने' पर विश्वास करते रहे हैं। भाजपा नेता ने कहा कि एक स्वतंत्र लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र न्यायपालिका और स्वतंत्र मीडिया दोनों आवश्यक हैं और कोई एक दूसरे को नष्ट करने का काम स्वयं अपने हाथ में नहीं ले सकता। 

सर्वोच्च न्यायालय के बाहर प्रदर्शन

भारत के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर सोमवार को प्रदर्शनकारी सर्वोच्च न्यायालय परिसर के बाहर एकत्र हुए। शीर्ष अदालत के किसी भी न्यायाधीश ने अपने संबंधित न्यायालयों में सुनवाई शुरू नहीं की है, जो असामान्य है क्योंकि शीर्ष अदालत सुबह 10.30 बजे तक सत्र में थी।
 

advertisement