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विदेश


हैदर अबादी ने कहा- इस साल हो जाएगा इराक से आईएसआईएस का पूरा सफाया

अबादी ने मिश्रित जाति वाले किरकुक प्रांत के हवीजा में चलाए गए अंतिम अभियान की खासतौर पर सराहना की। उन्होंने कहा कि इराकी बलों ने उन इलाकों को मुक्त करा लिया,


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बगदादः इराकी प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी ने  कहा है कि इस साल देश से आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) का पूरा सफाया होने की उम्मीद है। यह बातें अबादी ने मंगलवार को एक टेलीविजन पर प्रसारित संवाददाता सम्मेलन में कहीं। इसके साथ ही उन्होंने आईएस के खिलाफ इराकी सुरक्षा बलों की जीत की सराहना भी की। अबादी ने मिश्रित जाति वाले किरकुक प्रांत के हवीजा में चलाए गए अंतिम अभियान की खासतौर पर सराहना की। उन्होंने कहा कि इराकी बलों ने उन इलाकों को मुक्त करा लिया, जहां पूर्ववर्ती सरकार के दौरान कोई बल पहुंच तक नहीं पाया था। आज इराक में हर स्थान पर आईएस में भय का माहौल है और जैसा कि हमने वादा किया था इस साल इराक से आतंकवादी संगठन आईएसआईएस का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा।

क्या है आईएसआईएस का मकसद?
बता दें कि आईएसआईएस दुनिया का सबसे धनी चरमपंथी संगठन है, जिसका क्षेत्र सीरिया के पूर्वी अलेप्पो प्रांत में अल-बाब से लेकर 670 किमी दूर इराक़ के सलाउद्दीन प्रांत में सुलेमान बेक तक  फैला है। इसकी स्थापना अप्रैल 2013 में की गई थी और इसके बाद से  इस संगठन ने काफी तेजी से अपने क्षेत्र में विस्तार किया है। आईएसआईएस साफ़ तौर पर इन क्षेत्रों में इस्लामिक राज्य स्थापित करना चाहता है। आईएसआईएस का पूरा नाम इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया है। यह आतंकवादी संगठन कभी अलकायदा का ही एक हिस्सा हुआ करता था। 2006 में अमेरिकी और इराक की सेना ने मिलकर कार्रवाई करते हुए अलकायदा को जमींदोज कर दिया था, लेकिन संगठन पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया था। इसके बाद संगठन के लोगों ने मिलकर एक बार फिर नई आतंकी संगठन का निर्माण कर लिए, जिसे आईएसआईएस का नाम दिया गया।

कौन है ये अबू बगदादी?
1971 में इराक के समारा शहर में जन्मा अल बगदादी पहले अपने शहर में धार्मिक कार्यकर्ता था, लेकिन 2003 में अमेरिका ने इराक पर हमला किया तो इस्लामिक स्टडीज में डॉक्टरेट लेने वाला और धार्मिक तकरीरें देने वाला अल बगदादी इस हमले से तिलमिला गया और अमेरिका विरोधी आतंकवाद की दुनिया में शामिल हो गया। अल बगदादी की बढ़ती ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इराक और सीरिया के अलग अलग हिस्सों में उसके लड़ाकों की तादाद 30 हजार से 40 हजार के बीच पहुंच चुकी है। वहीं अमेरिकी सेना कहती है कि अल बगदादी का कद ऐसा नहीं था कि उसे बड़ा खतरा माना जाए, लेकिन अमेरिकी सेना के एक अधिकारी के मुताबिक साल 2009 में जब उसे छोड़ा गया तो उसने धमकी दी थी कि अब मैं तुम्हें न्यूयॉर्क में देखूंगा। उस समय उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया था, लेकिन आईएसआईएस की बढ़ती करतूतें  बता रहीं हैं कि अल बगदादी के इरादे नेक नहीं है।

हालांकि इराक ने 2014 में आईएसआईएस द्वारा लोगों के मारने और उनके वीडियो वायरल करने के बाद से इस संगठन के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। इराक सरकार को इसके लिए अमेरिका से मदद मिलती रही है। हाल ही में इराकी प्रधानमंत्री  हैदर अल-अबादी के आईएसआईएस के खात्में पर दिए गए बयान से यह तो साफ हो गया है कि इराक आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए प्रयासरत है। 

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