राफेल डील पर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति का बड़ा खुलासा, भारत सरकार ने ही दिया था रिलायंस का नाम, 10 बातें     |       आतंकी धमकी से बेखौफ हैं घाटी के युवा, दस हजार ने दिया पुलिस में भर्ती के लिए आवेदन     |       पीएम नरेंद्र मोदी आज ओडिशा और छत्तीसगढ़ में कई परियोजनाएं शुरू करेंगे     |       Asia Cup: दुबई में चमके रोहित-जडेजा, भारत ने बांग्लादेश को 7 विकेट से हराया     |       अलीगढ़ का एनकाउंटर पूर्व नियोजित राजनीतिक कार्यक्रम : कांग्रेस     |       न्यूयॉर्क में मिलेंगे भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्री     |       SC-ST एक्ट के खिलाफ पटना में सड़कों पर उतरे सवर्ण, पुलिस ने भांजी लाठियां, कई घायल     |       'नन' के साथ रेप करने के आरोपी 'बिशप' को पुलिस ने किया गिरफ्तार     |       बिहार कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बने तो छलका कादरी का दर्द, बोले- झाड़ू भी लगा लूंगा     |       इटली / ईशा अंबानी-आनंद पीरामल की सगाई पार्टी, 23 सितंबर तक चलेंगे कार्यक्रम     |       सर्जिकल स्ट्राइक दिवस पर बोली कांग्रेस सांसद- 'कृपया ऐसा मजाक न करें'     |       मक्का मस्जिद विस्फोट के जज BJP में शामिल होने के इच्छुक, बताया- एकमात्र देशभक्त पार्टी     |       कांग्रेस का बड़ा आरोप, अस्पताल से धमका रहे CM मनोहर पर्रिकर     |       ग्वालियर : मूक-बधिर लड़की का गर्भपात करा भ्रूण जलाया, 6 गिरफ्तार     |       रूस से रक्षा सौदा / अमेरिका ने चीन पर प्रतिबंध लगाया, कहा- मिसाइल सौदा हुआ तो भारत पर भी कार्रवाई संभव     |       बिहार : ताजिया जुलूस की तैयारी के बीच दो युवकों की हत्या, वैशाली में तनाव     |       राजस्थान : जसवंत सिंह के बेटे की रैली शनिवार को, बगावती तेवर से बीजेपी में बेचैनी     |       गोरखपुर में मोहर्रम जुलूस के दौरान विवाद, भीड़ ने फूंकी पुलिस जीप, दरोगा का सिर फटा     |       पढ़िए आखिर क्यों लंबित मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा हम नरभक्षी टाइगर नहीं...     |       वारदात / बदमाशों ने बैंक के 2 गार्डों की सरिया और रॉड से पीट-पीटकर की हत्या, नहीं कर पाए लूट     |      

राष्ट्रीय


राष्ट्रपति ने की सूल्तान की सराहना, बोले- टीपू की हुई ऐतिहासिक मौत

हालांकि राष्ट्रपति कोविंद ने टीपू सूल्तान को मैसूर रॉकेट के विकास काअग्रदूत बताया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य और देश के निर्माण में मैसूर और कर्नाटक के पूर्व शासकों, सैनिकों, राजनीतिज्ञों और वैज्ञानिकों के योगदान को सराहा।


president-ramnath-kovind-tipu-sultan-karnataka-assembly

बेंगलुरुः राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने टीपू सुल्तान की सराहना करते हुए कहा कि मैसूर के शासक अंग्रेजों से लड़ते हुए 'ऐतिहासिक मृत्यु' को प्राप्त हुए थे। हालांकि कुछ दिन पहले ही केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने टीपू को 'क्रूर हत्यारा और सामूहिक दुष्कर्मी' बताया था। कोविंद ने कर्नाटक विधानसभा के भवन विधान सौध के 60 वर्ष पूरे होने पर हीरक जयंती समारोह के अवसर पर यह बातें कहीं।

हालांकि राष्ट्रपति कोविंद ने टीपू सूल्तान को मैसूर रॉकेट के विकास काअग्रदूत बताया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य और देश के निर्माण में मैसूर और कर्नाटक के पूर्व शासकों, सैनिकों, राजनीतिज्ञों और वैज्ञानिकों के योगदान को सराहा। इसी क्रम में कोविंद ने टीपू के बारे में जैसे ही बोला, पूरे सदन ने इसका जोरदार स्वागत किया। राष्ट्रपति ने यह बयान ऐसे समय दिया है, जब कुछ दिन पहले ही भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने टीपू सुल्तान को 'क्रूर हत्यारा, नीच कट्टरपंथी और सामूहिक दुष्कर्मी' बताया था। राज्य की कांग्रेस सरकार राज्य में 10 नवंबर को टीपू जयंती मनाएगी। हेगड़े ने राज्य सरकार से इस समारोह में निमंत्रित लोगों की सूची में उन्हें शामिल नहीं करने के लिए कहा था।

वहीं सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रपति का टीपू को सराहने का बयान बीजेपी के गले नहीं उतर रहा है। बीजेपी नेता एवं पूर्व उप सीएम के.एस. ईश्वरप्पा ने कहा कि सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रपति को 'जबरदस्ती' टीपू सुल्तान पर बोलने के लिए कहा है। ईश्वरप्पा ने संयुक्त सत्र के बाद कहा कि यह भाषण कांग्रेस सरकार द्वारा जानबूझकर राष्ट्रपति से टीपू सुल्तान की सराहना के लिए बुलवाया गया है। कर्नाटक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष दीनेश गुंडु राव ने कहा कि बीजेपी राष्ट्रपति के भाषण की आलोचना कर उनका अपमान कर रही है। राव ने कहा कि वे हमारे देश के राष्ट्रपति का केवल अपमान कर रहे हैं।

सत्तारूढ़ कांग्रेस ने वर्ष 2015 में 10 नवंबर को टीपू जयंती के रूप में मनाने का फैसला किया था, जिसके बाद दक्षिणपंथी संगठनों ने मैसूर और राज्य में अन्य जगहों पर हिंसक प्रदर्शन किए थे। भारतीय जनता पार्टी राज्य में टीपू को हिंदू-विरोधी और कन्नड़-विरोधी बताकर इस जयंती का विरोध करती रही है। टीपू सुल्तान ने अपने पिता हैदर अली के निधन के बाद वर्ष 1782-1799 तक मैसूर पर शासन किया था।

advertisement