BJP की एक और लिस्ट जारी- मेनका गांधी, मनोज सिन्हा सहित 39 उम्मीदवारों के नाम, जानें कौन कहां से लड़ेगा चुनाव - NDTV India     |       राष्ट्रवाद पर छिड़ी बहस को राहुल ने अमीर बनाम गरीब की तरफ मोड़ा, अब क्या करेगी बीजेपी? - आज तक     |       बीजेपी में शामिल हुईं अभिनेत्री जया प्रदा Bollywood actress Jaya Prada join Bharatiya Janata Party - Lok Sabha Election 2019 - आज तक     |       राहुल गांधी बोले- न्याय योजना पर 6 महीने चला मंथन, रघुराम राजन ने भी बताया अच्छा - आज तक     |       शारदा घोटाला/ सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सीबीआई ने अतिगंभीर खुलासे किए, आदेश अभी देना संभव नहीं - Dainik Bhaskar     |       राहुल का वादा,'युवाओं को बिजनस शुरू करने के बाद 3 साल नहीं लेनी होगी कोई परमिशन' - नवभारत टाइम्स     |       LokSabha Elections 2019: कन्हैया का गिरिराज पर तंज, मंत्रीजी ने कह दिया 'बेगूसराय को वणक्कम' - Hindustan     |       Shatrughan Sinha:बीजेपी के शत्रु को भाया राहुल गांधी का 'मास्टरस्ट्रोक', होंगे कांग्रेस में शामिल! - Times Now Hindi     |       चीन ने अरुणाचल को भारत का हिस्सा दिखाने वाले हजारों मैप्स नष्ट किए: रिपोर्ट - Hindustan     |       जबरन धर्मान्तरण के बाद दो हिन्दू लड़कियों को कराई गई सुरक्षा मुहैया - नवभारत टाइम्स     |       पाकिस्तान के हाथ लगा ये खजाना तो बदल जाएगी पूरी तस्वीर - आज तक     |       डर रहे हैं पाक PM इमरान, कहा-चुनाव के चलते भारत दिखा सकता है और दुस्साहस - आज तक     |       सेंसेक्स 400 अंक फिसला, इन कारणों से बाजार में हाहाकार - Navbharat Times     |       जेट एयरवेज संकट: आखिरकार नरेश गोयल ने दिया बोर्ड और चेयरमैन पद से इस्तीफा - Navbharat Times     |       1 अप्रैल से पड़ेगी महंगाई की मार, आपकी जेब होगी ढीली - Business - आज तक     |       Hyundai Qxi से जल्द उठेगा पर्दा, इन SUV को टक्कर देगी 'बेबी क्रेटा' - Navbharat Times     |       'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' को लगा तीसरा शॉक, अब इस एक्टर ने भी शो को किया टाटा-बाय बाय - India TV हिंदी     |       PM Narendra Modi बनाने वाले मुश्किल में, चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस, 30 तक जवाब मांगा - दैनिक जागरण (Dainik Jagran)     |       छपाक: दीपिका पादुकोण का लुक देखकर चौंके पति रणवीर सिंह, किया ये कमेंट - Hindustan     |       बॉक्स ऑफिस कलेक्शन/ 100 करोड़ के करीब पहुंची केसरी, 5 दिन में कमाए 86.32 करोड़ - Dainik Bhaskar     |       IPL 2019: मांकड़िंग विवाद पर BCCI ने अश्विन को लेकर कही ये बात - Hindustan     |       Michael Schumacher's son Mick Schumacher to make Formula One debut for Ferrari in Bahrain test - Times Now     |       रूस/ बैकाल झील जब जम जाती है, तब उस पर यह रेस होती है; इस बार 23 देशों के 127 खिलाड़ी उतरे - Dainik Bhaskar     |       हर्षा भोगले की कलम से/ दिल्ली के अरमानों पर पानी फेर सकती है धीमी पिच - Dainik Bhaskar     |      

राज्य


राजस्थान हाईकोर्ट ने विवादित अध्यादेश पर केंद्र-राज्य को भेजा नोटिस

कोर्ट ने अपने आदेश में अध्यादेश के खिलाफ दायर सभी सात याचिकाएं और जनहित याचिकाओं को भी शामिल किया, जिसमें प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेता सचिन पायलट द्वारा दायर याचिका भी शामिल है।


rajasthan-high-court-issues-notice-to-center-state-government-on-disputed-ordinance

जयपुरः राजस्थान हाईकोर्ट ने शुक्रवार को वसुंधरा राजे के विवादित अध्यादेश के मद्देनजर केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बता दें कि सीएम राजे का यह विवादित अध्यादेश लोकसेवकों को संरक्षण देने वाला है। आपराधिक कानून अध्यादेश 2017, सितंबर में लागू किया गया था। हाईकोर्ट ने सरकार को जवाब देने के लिए एक महीने का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होनी है।

कोर्ट ने अपने आदेश में अध्यादेश के खिलाफ दायर सभी सात याचिकाएं और जनहित याचिकाओं को भी शामिल किया, जिसमें प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेता सचिन पायलट द्वारा दायर याचिका भी शामिल है। सीएम वसुंधरा राजे के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को तमाम आलोचनाओं को दककिनार कर राजस्थान विधानसभा में यह विधेयक पेश किया था।

हालांकि यह विधेयक मौजूदा या सेवानिवृत न्यायधीश, दंडाधिकारी और लोकसेवकों के खिलाफ उनके अधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान किए गए कार्य के संबंध में न्यायालय को जांच के आदेश देने से रोकती है। इसके अलावा कोई भी जांच एजेंसी इन लोगों के खिलाफ अभियोजन पक्ष की मंजूरी के निर्देश के बिना जांच नहीं कर सकती। वहीं अनुमोदन पदाधिकारी को प्रस्ताव प्राप्ति की तारीख के 180 दिन के अंदर यह निर्णय लेना होगा। विधेयक में यह भी प्रावधान है कि तय समय सीमा के अंदर निर्णय नहीं लेने पर मंजूरी को स्वीकृत माना जाएगा।

विधेयक के अनुसार जबतक जांच की मंजूरी नहीं दी जाती है तबतक किसी भी न्यायधीश, दंडाधिकारी या लोकसेवकों के नाम, पता, फोटो, परिवारिक जानकारी और पहचान संबंधी कोई भी जानकारी न ही छापा सकता है और ना ही उजागर किया जा सकता है। प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों को दो वर्ष की कारावास और जुमार्ने की सजा दी जा सकती है।

advertisement