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राष्ट्रीय


पत्रकार विनोद वर्मा अरेस्ट, सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल

वहीं प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया कि यह दोनों राज्यों की पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान था, जबकि उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्पष्ट कर दिया कि इस मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।


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गाजियाबादः छत्तीसगढ़ पुलिस ने वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को गाजियाबाद स्थित उनके घर से हिरासत में ले लिया है। हालांकि अभी इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है कि विनोद को हिरासत में क्यों लिया गया। वहीं सूत्र बतातें है कि छत्तीसगढ़ में उनके खिलाफ जबरन वसूली की शिकायत के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार विनोद वर्मा की ट्रांजिट गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने कहा कि बिना सीडी के क्यों वर्मा को गिरफ्तार किया गया।

वहीं प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया कि यह दोनों राज्यों की पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान था, जबकि उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्पष्ट कर दिया कि इस मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। लखनऊ में डीजीपी कार्यालय में जनसंपर्क अधिकारी श्रीवास्तव ने कहा कि रायपुर जिले के पंड्री पुलिस स्टेशन में वर्मा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 384 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

गौरतलब है कि वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा अमर उजाला और बीबीसी में काम कर चुके हैं। वहीं वर्मा छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के संबंधी हैं। सूत्रों ने बताया कि पंडरी इलाके में रहने वाले प्रकाश बजाज नाम के एक शख्स को फोन पर ब्लैकमेल कर धमकी दी गयी थी। उसे कहा गया कि मंत्री की सीडी है, यह शख्स मंत्री का करीबी बताया जा रहा है। वहीं इस मामले में पंडरी थाने में एक FIR दर्ज किया गया और SP अजातशत्रु के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की एक टीम को दिल्ली रवाना किया गया।

हालांकि कुछ रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्मा ने छत्तीसगढ़ सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन की योजना बनाई थी। सूत्रों ने बताया कि वर्मा मंत्री से धन उगाही की कोशिश कर रहे थे। वहीं पुलिस ने उनके पास से कई सीडी, पेन ड्राइव और कुछ दस्तावेजों को बरामद किया है।

वहीं वर्मा ने कहा है कि मुझे फंसाया गया है। मेरा इससे कुछ लेना देना नहीं है। उन्होंने सेक्स सीडी अपनेपास होने की बात भी स्वीकार की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस को मेरे घर से लैपटाप मिला है। हमने कभी भी राजेश मूणत से बात नहीं की और ना ही हमने कभी किसी को धमकाया है।

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