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राजनीति


शरद पवार ने कहा - मोदी सरकार के खिलाफ है जनभावना , देश में बढ़ी बेरोजगारी

पवार ने कहा कि कपड़ा बनाने वाली 67 कंपनियां बंद हो गई हैं, जिसकी वजह से 17,600 लोग बेरोजगार हो गए। लारसन एंड टर्बो, इन्फोसिस और सुजलोन जैसी कंपनियों ने 17,000 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया है।


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मुंबईः राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई  के कारण देश की जनभावना मोदी सरकार के खिलाफ हो गई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद से कई कंपनियों में ताले लग गए, जिससे बीजेपी सरकार की हर मोर्चे पर विफलता नजर आने लगी है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में बेरोजगारी बढ़ रही है, कृषि क्षेत्र संकट में है, किसान आत्महत्या कर रहे हैं, महंगाई चरम पर है , वित्तीय क्षेत्र असफल हो रहा है और गरीब तबके के लोग बहुत परेशान है। लोग अब सरकार के खिलाफ हो गए है। ऐसे में हमें अगले चुनाव के लिए तैयार रहना चाहिए।

पवार ने कहा कि कपड़ा बनाने वाली 67 कंपनियां बंद हो गई हैं, जिसकी वजह से 17,600 लोग बेरोजगार हो गए। लारसन एंड टर्बो, इन्फोसिस और सुजलोन जैसी कंपनियों ने 17,000 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया है। आने वाले दिन देश के लिए बेहद मुश्किलों से भरे होंगे। उन्होंने कहा कि आज आलम यह है कि लोग सोशल मीडिया पर अपनी खींझ प्रकट कर रहे हैं और जवाब में सरकार उन्हें पुलिस नोटिस भेज रही है।

शरद पवार ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात प्रकट करने का अधिकार है। सरकार को उन्हें नोटिस भेजकर धमकाना नहीं चाहिए और उनकी निजी स्वतंत्रता छीनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। वहीं पवार ने 5 नवंबर को औरंगावाद में किसान संगठनों के सम्मेलन की घोषणा की।

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