सबरीमाला / मंदिर के पट खुले, महिलाओं के प्रवेश का हिंसक विरोध; लाठीचार्ज के बाद धारा 144 लागू     |       #MeToo में फंसे अकबरः आरोपों से लेकर इस्तीफे तक के सफर की कहानी, दिनों की जुबानी     |       कोई नेता पार्टी से बड़ा नहीं होता: भाजपा     |       छठ-दिवाली के दौरान Indian Railway का यात्रियों को तोहफा, चलेंगी ये 9 स्पेशल ट्रेनें     |       मेरठ / जासूसी के आरोप में आर्मी इंटेलीजेंस ने सेना के जवान को किया गिरफ्तार     |       माया के बंगले में घुसते ही शिवपाल बोले- अखिलेश की हैसियत पता चलेगी     |       रिपोर्ट / ब्रह्मोस से ज्यादा ताकतवर चीनी मिसाइल खरीदने की तैयारी में पाकिस्तान     |       हाेटल के बाहर गन लहराने वाले पूर्व सांसद के बेटे के खिलाफ गैर जमानती वारंट     |       FIR March: सपा नेता आजम के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने पहुंचे अमर सिंह     |       इन दो वजहों से पूरी दुनिया में घंटे भर ठप रहा YouTube     |       गुजरात: नहीं रुक रहे बिहारियों पर हमले, लुंगी पहनने पर सात लोगों की पिटाई     |       इलाहाबाद बना प्रयागराज, क्या कहते हैं शहर के लोग     |       5 पायदान चढ़कर 58वीं सबसे प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था बना भारत     |       J&K: सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में मार गिराए तीन आतंकी, एक पुलिसकर्मी भी शहीद     |       मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव: कांग्रेस ने 80 नाम किए फाइनल, जल्द होगी घोषणा     |       प्रवीण तोगड़िया के 'अयोध्या कूच' ने बढ़ाई प्रशासन की मुश्किल, खुफिया विभाग अलर्ट     |       छत्तीसगढ़: बख्तरबंद गाड़ी ने कार को घसीटा, मुश्किल में पड़ी परिवार की जान     |       RRB Group D 2018 Exam: कल जारी होंगी 29 अक्टूबर से होने वाली भर्ती परीक्षा की डिटेल्स, ऐसे चेक करें     |       भारत-पाक सीमा पर दो बार जलेगा रावण, जानिए क्या है वजह!     |       हिसार / दूसरे मामले में भी रामपाल को उम्रकैद; सजा सुनकर बोला था- परमात्मा ने जो किया, वह ठीक है     |      

गपशप


वेंकैया का दक्षिण-प्रेम

पर कुछ तो वजह है कि आज भी वे दक्षिण का मोह नहीं छोड़ पा रहे, सप्ताह के पांचों दिन वे दिल्ली में होते हैं तो शनिवार व रविवार के बचे दो दिन वे अपने गृह प्रदेश में गुजराते हैं।


vice-president-venkaiah-naidu-south-bjp-politics

वेंकैया नायडू भले ही देश के उप राष्ट्रपति पद पर शोभायमान हो गए हों, पर रगों में दौड़ने-फिरने की कायल राजनीति से उनका मोहभंग होता नहीं दिख रहा, कभी उन्हें ये गुमान था कि वे दक्षिण में एकमात्र स्वीकार्य भगवा चेहरे हैं, पर जब दिल्ली का निज़ाम बदला तो सियासत के दस्तूर भी बदले और वेंकैया नायडू को एक संवैधानिक पद पर गाजे-बाजे के साथ बिठा दिया गया। पर कुछ तो वजह है कि आज भी वे दक्षिण का मोह नहीं छोड़ पा रहे, सप्ताह के पांचों दिन वे दिल्ली में होते हैं तो शनिवार व रविवार के बचे दो दिन वे अपने गृह प्रदेश में गुजराते हैं। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो भाजपा की दक्षिण भारत की राजनीति की बागडोर बस दो हाथों में हैं, इनमें से एक वेंकैया स्वयं हैं, तो दूसरे भाजपा महासचिव राम माधव हैं। स्वदेशी जागरण मंच के मुरलीधर राव भले ही पार्टी महासचिव हों पर उनके पास काम नहीं है, पूछे जाने पर भोलेपन से सफाई देते हैं कि वे अब भी कर्नाटक देख रहे हैं तो सवाल उठता है कि फिर कर्नाटक के प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर क्या देख रहे हैं?

advertisement

  • संबंधित खबरें