lok sabha election counting 2019 live update: 2019 चुनाव के नतीजे का काउंटडाउन शुरू, कुछ देर में आएगा पहला रुझान - Hindustan     |       उर्मिला से लेकर जया प्रदा तक, क्या हार जाएंगे ये 13 मशहूर चेहरे? - Lok Sabha Election 2019 - आज तक     |       इस बार ऐसे होगी EVM और VVPAT से वोटों की काउंटिंग - Lok Sabha Election 2019 - आज तक     |       मतगणना आज: फिर बनेगी मोदी सरकार या विपक्ष करेगा चमत्कार? - Navbharat Times     |       Lok Sabha Election 2019 Result Live Updates: आ गई फैसले की घड़ी, आठ बजे से शुरू होगी मतगणना - दैनिक जागरण     |       लोकसभा चुनाव/ गृह मंत्रालय का राज्यों को अलर्ट, सुरक्षा पुख्ता रखें; वोटों की गिनती के दौरान हिंसा की आशंका - Dainik Bhaskar     |       बिना EVM के इन देशों में होती है वोटिंग, ऐसे होते हैं चुनाव - Education AajTak - आज तक     |       Truecaller से यूजर का डेटा चोरी, लाखों में बेचा जा रहा है डेटा! - आज तक     |       UP Election Result 2019 LIVE: कौन पड़ेगा भारी, भाजपा या सपा-बसपा गठबंधन? - News18 हिंदी     |       कर्नाटक में गरमाई सियासत: केंद्रीय मंत्री ने कहा- 24 मई तक ही सीएम रहेंगे कुमारस्वामी - दैनिक जागरण     |       फ्रांस में राफेल विमान का काम देख रहे भारतीय वायुसेना के दफ्तर में 'घुसपैठ की कोशिश' - NDTV India     |       टॉपलेस कुंवारी लड़कियों की परेड, राजा किसी को भी बना लेता है पत्नी - आज तक     |       ब्रिटेन : हाउस ऑफ कॉमन्स की नेता एंड्रिया लेडसम का इस्तीफ़ा - BBC हिंदी     |       करोड़पति ने विमान को ऑटो मोड में छोड़ नाबालिग लड़की का यौन शोषण किया - Hindustan     |       Hyundai launches India’s first fully connected SUV VENUE - Nagpur Today     |       क्या चुनावी नतीजों के रॉकेट पर सवार होकर 40 हजार पहुंचेगा सेंसेक्‍स? - आज तक     |       ह्यूंदै वेन्यू: जानें, SUV का कौन सा वेरियंट आपके लिए बेस्ट - नवभारत टाइम्स     |       अब इलाहाबाद बैंक, आंध्रा बैंक और OBC बैंक का इस बड़े बैंक में होगा विलय? - Business AajTak - आज तक     |       ऐश्वर्या पर बना मीम शेयर कर बुरे फंसे विवेक, यूं उड़ रहा मजाक - Entertainment - आज तक     |       ये ऐतिहासिक किरदार करना चाहते हैं सलमान खान, बोले- 'मौका मिला तो..' - अमर उजाला     |       सलमान खान ने प्रियंका चोपड़ा पर किया कमेंट, बोले- पति के लिए छोड़ा 'भारत' को - NDTV India     |       कान्स 2019/ रेड कार्पेट पर सोनम व्हाइट टक्सीडो सूट में आईं नजर, बहन रिया ने फाइनल किया लुक - Dainik Bhaskar     |       मिताली राज के मुताबिक ये हैं वो कारण जो टीम इंडिया को बनाएंगे विश्व चैंपियन - Times Now Hindi     |       ICC World Cup 2019: 'विराट ब्रिगेड' के 3 ट्रंपकार्ड, बदल सकते हैं मैच का रुख - Hindustan     |       WC: अगर चल गए ये ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी, तो दूसरी टीम के लिए इससे बुरी बात नहीं - आज तक     |       World Cup 2019: Team India का full schedule, पाकिस्तान से इस दिन होगा महामुकाबला - दैनिक जागरण (Dainik Jagran)     |      

राजनीति


देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था पर सिन्हा ने जेटली पर साधा निशाना

नई दिल्ली: बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने वित्तमंत्री अरुण जेटली पर भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत बिगाड़ने और इससे उत्पन्न 'आर्थिक सुस्ती' के लिए निशाना साधा है। सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दावा करते हैं कि उन्होंने बहुत करीब से गरीबी को देखा है और उनके वित्तमंत्री भी सभी भारतीयों को गरीबी करीब से दिखाने के लिए काफी मेहनत कर रहे हैं।


yashwant-sinha-attacks-arun-jaitley-on-economy

विरासत में मिला समस्याओं को और बढ़ाया गया
सिन्हा ने कहा कि जेटली अपने पूर्व के वित्त मंत्रियों के मुकाबले बहुत भाग्यशाली रहे हैं। उन्होंने वित्त मंत्रालय की बागडोर उस समय हाथों में ली, जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल कीमत में कमी के कारण उनके पास लाखों-करोड़ों रुपए की धनराशि थी, लेकिन उन्होंने तेल से मिले लाभ को गंवा दिया। विरासत में मिली समस्याएं, जैसे बैंकों के एनपीए और रुकी परियोजनाएं निश्चित ही उनके सामने थीं, लेकिन उन्हें इससे सही ढंग से निपटना चाहिए था। विरासत में मिली समस्या को न सिर्फ बढ़ने दिया गया बल्कि यह अब और खराब हो गई है।

दो दशकों में पहली बार कम हुआ निजी निवेश
सिन्हा ने भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति पर कहा कि दो दशकों में पहली बार निजी निवेश इतना कम हुआ और औद्योगिक उत्पादन पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। कृषि की हालत खस्ता है, विनिर्माण उद्योग मंदी के कगार पर है और अन्य सेवा क्षेत्र धीमी गति से आगे बढ़ रहा है, निर्यात पर बुरा असर पड़ा है, एक बाद एक सेक्टर संकट का सामना कर रहे हैं। बता दें कि वाजपेयी सरकार में सिन्हा वित्तमंत्री थे। उन्होंने कहा कि गिरती अर्थव्यवस्था में नोटबंदी ने आग में घी डालने का और बुरी तरह लागू किए गए जीएसटी से उद्योग को भारी नुकसान पहुंचा है और कई लोग इसकी वजह से बर्बाद हो गए हैं।

लाखों लोगों को गवानी पड़ी नौकरी
सिन्हा ने कहा कि इस वजह से लाखों लोगों को अपनी नौकरियां गंवानी पड़ी और बाजार में मुश्किल से ही कोई नौकरी पैदा हो रही है। मौजूदा वित्त वर्ष की पिछली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर गिर कर 5.7 प्रतिशत हो गई, लेकिन पुरानी गणना के अनुसार यह वास्तव में केवल 3.7 प्रतिशत ही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने जीडीपी दर गणना की पुरानी पद्धति वर्ष 2015 में नहीं बदली होती तो यह अभी वास्तव में 3.7 प्रतिशत या इससे कम रहती। उन्होंने सरकार पर आर्थिक वृद्धि दर कम होने को तकनीकी वजह बताने की आलोचना की और कहा कि यह आर्थिक सुस्ती अस्थायी या तकनीकी नहीं है, यह फिलहाल बनी रहने वाली है।

वित्त मंत्रालय का कार्य संभालना है मुश्किल
पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि आर्थिक गति कम होने की वजहों का अनुमान लगाना बहुत मुश्किल नहीं है और इससे निपटने के लिए उपाय किए जाने चाहिए, लेकिन इसके लिए दिमाग का गंभीरता से उपयोग करने, मुद्दे को समझने और इससे निपटने के लिए योजना बनाने की जरूरत है। जेटली को वित्त मंत्रालय के अलावा और कई विभागों की जिम्मेदारियां भी दी गईं हैं, जिससे उनपर अतिरिक्त जिम्मेदारियां आईं और शायद उनसे बहुत ज्यादा अपेक्षा की गई। इसके साथ उन्होंने कहा कि मैंने वित्त मंत्रालय का काम संभाला है और मुझे पता है कि वहां कितना कठिन परिश्रम करना पड़ता है। वित्त मंत्रालय में 24 घंटे सातों दिन काम करना पड़ता है, जिसे जेटली जैसे सुपरमैन भी पूरा नहीं कर सकते।

कुछ लोग डर की वजह से नहीं बोल रहे
सिन्हा ने कहा कि उन्होंने महसूस किया कि अगर मैं अब भी नहीं बोलूंगा तो यह मेरे राष्ट्रीय कर्तव्यों के साथ अन्याय होगा। मैं इस बात से भी सहमत हूं कि बीजेपी में बड़ी संख्या में लोग इस बात को कहना चाहते हैं, लेकिन वे डर की वजह से कुछ नहीं बोल रहें हैं। जीएसटी के अंतर्गत एकत्रित 95000 करोड़ रुपए में इनपुट क्रेडिट डिमांड 65,000 करोड़ रुपए है। सरकार ने आयकर विभाग को बड़ी संख्या में दावा करने वाले को पकड़ने को कहा है। वित्तीय प्रवाह की समस्या कई कंपनियों, खासकर छोटे और मध्यम उद्योग सेक्टर की समस्या है, लेकिन वित्त मंत्रालय का काम करने का यही तरीका है। सिन्हा ने कहा कि हम जब विपक्ष में थे तो हमने 'छापे मारी' का विरोध किया था, लेकिन आज तो यह जैसे व्यवस्था का हिस्सा बन गई है।

 

advertisement